महसूस जो किया मैंने (Feelings)







इन मुस्कानों के पीछे का अकेलापन
कोई और समझे ना समझे पर
मुझसे छुपा नहीं पाओगे
ये अनजाना सा अपनापन।

मानो बरसो से बारिशों के इन्तजार में
दूर खड़ा हुआ कोई दरखत
परिंदों को छाव देता है
जो दर्द बयां नहीं करता
बस चुपचाप सहता है।

यादों के कड़वे अनुभव साथ लेकर
कुछ उलझन सी है जीवन में
हरियाली है पर रास्ता खोज रहे हो
मुद्दतों से उस घने वन में।

अपने सुंदर भावों से
कुछ नया करने कि कसक लिए
निकल पड़े हो
चले बहुत पर,
दिशाओं का कुछ भ्रम सा है
शायद आज भी वही खड़े हो।

कोई तो होगा समझने वाला
इस दुनिया कि भीड़ में
जो उत्तर सा होगा आपके प्रश्नों का
हम सब पंछी है जो
रहते अपने अपने ही नीड़ में।

संवाद करने की कला
और उत्साह से भरी आपकी आंखे
बहुत कुछ कहती है
ये सब अनायास नही होता
जो होनी है वो होकर रहती है।

.. अशोक मादरेचा

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चुनाव का मौसम Election Season


चुनावों  पर हिंदी कविता

इस कविता में एक मतदाता को किस तरह सच्चाई का ध्यान रखना चाहिए , इस पर
सुन्दर शब्दों. में प्रकाश डाला गया है।  आशा है आपको कविता पसंद आएगी।
धन्यवाद। 

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