सच्चाई लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
सच्चाई लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

23 सित॰ 2014

सच्चाई


ख़ुशी की खोज बाहर करना
फिर पुरानी गलती दोहराना
सुख शांति के दो पल पाने की
अभिलाषा बस कुछ कर जाने की
कोशिश करना व्यर्थ नहीं होता
प्रयत्नों से कौन समर्थ नहीं होता
ले नहीं पाते जिंदगी उतना देती हे
ज़माने का दोष नहीं, कर्मो की खेती हे
कई बार साफ़ दिखता भी हे
पर समझ कम पड़ जाती हे
दिग्भ्रमित से मंजिलो की तलाश में
कुछ मिलेगा हर वक़्त इसी आस में
स्वयं की व्यवस्था में लगे दिन रात
झूठ के सहारे करते रहे हर बात।
जब सच्चाई सामने प्रकट होगी
स्थिति स्वयं बड़ी विकट होगी
दर्पण से सामना नहीं कर पाओगे
अपना चेहरा खुद ही छुपाओगे
समय को कौन रोक पाता हे
ये तो बस बीतता जाता हे
ये तो बस बीतता जाता हे.…।

मन का क्या What about Heart

  मन का क्या ये लिखता पटकथा   फिर देह जाने उसकी व्यथा .. ।   ये चंचल , पल पल अधीर सदा गतिमान हर समय स्थिर तो ब...