10 सित॰ 2025


सुविचार

  • अपने अतीत में जाकर अस्तित्व खोजना सिर्फ दुख को ही आमंत्रित करेगा। 

  • स्वयं के बजाय दूसरों में, एकांत के बजाय भीड़ में, खुद के अनुभव के बजाय औरों के अनुसरण में सुख ढूंढने वाले नेतृत्व प्रदान नहीं कर सकते है।

  • अंतर में प्रश्नों का पैदा होना जिज्ञासा और जिजीविषा दोनों की मौजूदगी को दर्शाता है।

  • आत्मीयता एक तरफा नहीं होती। यदि किसी से आप मिलते हो और वो व्यक्ति सिर्फ उसकी उपलब्धियों का बखान करता है और आपसे एक बार भी आपकी कुशलक्षेम नहीं पूछता, तो निश्चित जानिए उसको आपमे नहीं आपकी प्रशंसा में ही रुचि है।



अदभुत अनुभूतियां

शब्द संयोजन नहीं मेरे गीत , मेरे अहसास   टटोलता खुदी को   होते नित नए आभास … ।   भरा भरा सा मन बड़ा ही प्रसन्न फ...