26 अक्टू॰ 2026

अदभुत अनुभूतियां


शब्द संयोजन नहीं

मेरे गीत, मेरे अहसास 

टटोलता खुदी को 

होते नित नए आभास…।

 

भरा भरा सा मन

बड़ा ही प्रसन्न

फैली हुई महक सी

अहा! ये कैसा मधुबन ...।

 

बिन पंखो के उड़ रहा 

जीवन किस ओर मुड़ रहा

बिखरा हुआ था अब तक

सहज ही क्यों जुड़ रहा...।

 

दिख रहा व्योम से परे 

गोते लगाती आत्मा, सब सरोवर भरे

कुछ विशेष सा अनुभव

बिन बारिश, हो रहे रेगिस्तान हरे ...।

 

आनंद के स्पंदन 

हर और अभिनंदन 

बुझा ली सारी पहेलियाँ 

प्रकाश ऊष्मा, वंदन, वंदन…। 

 

स्वरूप बदलते काल खंड

प्रकट, कभी ओझल, फिर अखंड

समग्रता में दृष्टि गोचर 

उड़े भाप बन, सारे पाखण्ड....।

 

मिटे रस भेद, सभी, ज्योति सूर्य प्रखर

सिर्फ शून्य का असर

विलीन विश्व स्वयं में 

ध्वनियाँ गौण, बस मौन मुखर……।

 

साफ हुआ, युगों का भ्रम 

अब क्या ज्यादा, और क्या कम 

टूटे सारे वहम, न तू , न मैं 

निर्बाध गति से, अनंत यात्रा का क्रम...।

 

प्रतिबोध देती अनंत रश्मियां 

मिटी सब स्मृतियां 

आलोकित सम्पूर्ण जगत, धन्य हुआ अवतार

अदभुत ये अनुभूतियां ....अदभुत ये अनुभूतियां..।

 


 

20 अप्रैल 2026

जिंदगी के संदेश



विराम सा लग जाए जब 

जिंदगी के संदेश, साफ तब।

 

कुछ पहले के, कुछ बाद के सबब

कर्म अवरोध समय पर आरूढ़ अब।

 

पूछ रहा कालखंड, त्याग किया कब

शुरू करो छोड़ना, मिट जाएगी उलझने सब।



29 मार्च 2026

मन का क्या What about Heart

 


मन का क्या

ये लिखता पटकथा 

फिर देह जाने

उसकी व्यथा..।

 

ये चंचल, पल पल

अधीर सदा

गतिमान हर समय

स्थिर तो बस यदा कदा ...।

 

भावों से जब व्याकुल

तो आंसू बह जाते

ये दृढ़ हो जाए तो

पर्वत उड़ जाते...।

 

ये चलाता सबको

सब समझते हम चलाते 

जिंदगी भर साथ है 

फिर भी कहां समझ पाते..।

 

मन के अनेक रूप

जब ये रूहानी हो जाता

समय पटल पर

लिख देता अमर गाथा...।



-- Ashok Madrecha

10 सित॰ 2025


सुविचार

  • अपने अतीत में जाकर अस्तित्व खोजना सिर्फ दुख को ही आमंत्रित करेगा। 

  • स्वयं के बजाय दूसरों में, एकांत के बजाय भीड़ में, खुद के अनुभव के बजाय औरों के अनुसरण में सुख ढूंढने वाले नेतृत्व प्रदान नहीं कर सकते है।

  • अंतर में प्रश्नों का पैदा होना जिज्ञासा और जिजीविषा दोनों की मौजूदगी को दर्शाता है।

  • आत्मीयता एक तरफा नहीं होती। यदि किसी से आप मिलते हो और वो व्यक्ति सिर्फ उसकी उपलब्धियों का बखान करता है और आपसे एक बार भी आपकी कुशलक्षेम नहीं पूछता, तो निश्चित जानिए उसको आपमे नहीं आपकी प्रशंसा में ही रुचि है।



12 अप्रैल 2024

प्रयास (Efforts)


जब सब कुछ रुका हुआ हो
तुम पहल करना
निसंकोच, प्रयास करके
खुद को सफल करना।

ये मोड़ जिंदगी में तुम्हें स्थापित करेंगे
और, संभव है कि तुम देव तुल्य बनो
हो कृतत्व और उद्देश्य, महान तुम्हारे
ये अवतार अनूठा, बस तुम अमूल्य बनो।

निकल जाना हर द्वंद से बाहर
समय पथ का, समय पे अनुमान कर
कोलाहल, छलावे हर तरफ
उतर अंतर में, थोड़ा तो ध्यान कर।

कल पर छोड़ मत ज्यादा कुछ
अनित्य सा सब कुछ यहां
निश्चित सा समय तेरा कितना
तू शेष कहां, तू विशेष कहां।

🙏💐🙏अशोक मादरेचा


when everything is on pause you take the initiative feel free to try To make yourself successful. These turns will establish you in life And, it is possible that you may become like a god. Great be your work and purpose. This incarnation is unique, just you become priceless. get out of every dilemma estimate time path Noise, deception everywhere Go inside and meditate a little. don't leave too much for tomorrow everything is impermanent here how much is your time Where are you the rest, where are you special.

By Ashok Madrecha


अदभुत अनुभूतियां

शब्द संयोजन नहीं मेरे गीत , मेरे अहसास   टटोलता खुदी को   होते नित नए आभास … ।   भरा भरा सा मन बड़ा ही प्रसन्न फ...