29 मार्च 2026

मन का क्या What about Heart

 


मन का क्या

ये लिखता पटकथा 

फिर देह जाने

उसकी व्यथा..

 

ये चंचल, पल पल

अधीर सदा

गतिमान हर समय

स्थिर तो बस यदा कदा ...।

 

भावों से जब व्याकुल

तो आंसू बह जाते

ये दृढ़ हो जाए तो

पर्वत उड़ जाते...

 

ये चलाता सबको

सब समझते हम चलाते 

जिंदगी भर साथ है 

फिर भी कहां समझ पाते..

 

मन के अनेक रूप

जब ये रूहानी हो जाता

समय पटल पर

लिख देता अमर गाथा...



-- Ashok Madrecha

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