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Oct 30, 2018

Closeness अपनापन


उचक के नींद खुली
कुछ आवाज़ आई, शायद ये
तेरे पास होने का अहसास था
बीते हुए पल तैरने लगे
रात के सन्नाटों में
तुम्ही दिखते लगे उन आहटों में।
एक मीठा सा अनुभव
तेरी यादों का इस कदर
साथ होने का,
कभी तेरे हाथो ने
मेरे सर को सहलाया था
और में सो गया था निश्चिंत सा
फिर तेरे आसुओं की
दो बूंदों का अचानक गिरना
मेरा हड़बड़ा कर उठना
और तुमसे मिलकर
जी भर के रोना
आज फिर याद आता है।
बहुत ज्यादा दौड़ लिया
कितना वक्त पीछे छोड़ दिया
आज फिर से तेरा हाथ थामे
खिड़कियों से आती मद्धिम रोशनी में
चांद से बतियाने का मन करता है
मौन की भाषा में बहुत कुछ
कहने को मन करता है
इस रात की निरवता साक्षी है
कि इन रिश्तों की महक गहरी है
है कुछ खास जो मेरी नींद उचटती है
मुझे जगाकर ये कुछ कहती है।

Oct 8, 2017

जिंदगी (Life)




कब मेरी तलाश का हिस्सा बन आप साथ हो चले
डर नही अब हमे राहों में कितनी भी हो मुश्किले।

मेरी चुप्पियों का अर्थ भी इस तरह असर कर जाएगा
कोई दूर से आकर भी आँखों मे आंसू भर जाएगा।

एक बूत सी जिंदगी और अनुभव से तराशे हुए पल
बहुत आशा थी मुझे, आप मिलोगे आज नही तो कल।

जैसे नव कौंपलो को ओस की बूंदों का इंतजार था
टकटकी लगाए चौखट पे खड़ा कबसे बेकरार था।

काश आप हरदम करीब रहते, ये मन कहता है
आप से लिपट कर अब खूब रोने का मन करता है।

Apr 30, 2016

उम्मीदों का जहां


सन्नाटों में खुद के सायों से बाते करते हो
कहते कि अकेले नही, पर आहें भरते हो।
अरसा हो गया हमसे बात करके
अब ये मत कहना कि रोये नहीं जी भर के।
खुद को सजा देने की आदत तो पुरानी है
इश्क और इम्तहाँ की लंबी जो कहानी है।
कुछ बाँट लेते दर्द, ह्रदय तो हल्का हो जाता
गैर सही हम, अश्कों को अवकाश मिल जाता।
हर जगह सबको क़द्रदान कहाँ मिलते है
समय और संयोग से ही सुंदर फूल खिलते हैे।
पोंछ दो आँसू, उम्मीदों पर संसार चलता है
स्वीकार करो, आशाओं में प्यार पलता है।
कितनी देर हुई ये गिनती भी जरुरी नहीं
खुद को रोकना कोई मजबूरी नहीं।
कौनसे वक्त का इंतजार कर रहे हो
या किसी अनहोनी से डर रहे हो।
विश्वास करो, थाम लो मन की पतवार को
करीब है मंजिल, दस्तक तो दो द्वार को।

Dec 23, 2015

इजहार



तूफानो में भी हर सफ़र आसान है
सिर्फ तेरी पनाहों का अहसान है।
उन लम्हों को क्या पता
मेरी तेरी वो गुफ़्तगु और खता।
सिमट के पहलु में छुप जाना
बातों बातों में वो खिलखिलाना।
वेसे भी ये सब करिश्मों से कम नहीं
साथ हो हरदम, अब कोई गम नहीं।
आँखों में स्नेहिल समर्पण के भाव
तपती धूप में जैसे बरगद की छाँव।
दिन सिमट जाता रात के आग़ोश में
फिर राते भी कहा रहती है होश में।
सब कुछ शब्दों में कहना मुश्किल है
बस आप हो, मै हूँ, और ये मेरा दिल है.......।

Oct 28, 2015

तेरा अहसास



वो कनखियों से नजर मिलाते है
अपने तुफानों से पर्वत हिलाते है।
बहुत सादगी से रहते है
आँखों से सब कुछ कहते है।
बेशक शरारत और मस्ती का करिश्मा है
अँधेरे में जलती हुई एक शमां है।
रूबरू होके भी अक्श छुपाने का अंदाज
बताओं भला इस खूबसूरती का राज।
लबों से कुछ बोलते तो शायद तराना बन जाता
इन लम्हों के साथ इकरार का बहाना बन जाता।
हवाओं में खुशबु सी समाई है
मुद्दत से वो मेरे शहर में आई है। 
उनके कदमो की आहट करीब आ रही
देखो बहारे मस्ती के गीत गा रही।
लौटा यौवन फूलों का, चांदनी आवारा हो चली
निश्चित है गौरी आज खूब सज धज के चली।
मिलने की आस अधूरी थी अब तक
कितना तड़पाओगे, और कब तक।
वादा करो कि फिर नहीं जाओगे
रूबरू रहके, ताजिंदगी साथ निभाओगे।

Jun 4, 2014

प्यार का संदेश (Message of Love )


हर रंग की चमक में बसते हो
कोई से भी गम में हँसते हो।
ये दिलेरी हे या अदाकारी
प्रेरित हो या , खुद की समझदारी।
बख़ूबी सब कुछ छुपाते हो
बस सिर्फ मुस्कराते हो।
मासूम चेहरा, इरादों से बुलंद हो
बोलते कम , बड़े स्वछंद हो।
हर पल ख्याल तेरा ही क्यों आता हे
क्या नाम दू इसे , जाने कौनसा नाता हे।
गीतों के गुंजन से भरा तेरे लबो का अहसास
समझ भी लेते मन की बात , तुम काश।
अब दूर नहीं रहना हे
मुझे कुछ कहना हे।
ये पैगाम पढ़कर रुक मत जाना
देर हुई पहले ही , अब मत सताना।
 ये हे प्यार का फ़साना , अब क्या जताना
मेरे मीत जल्दी आना , बस जल्दी आना।
------------ Ashok Madrecha

Feb 24, 2014

तलाश (Search)


मन की थाह पाना मुश्किल है पर
यह कोशिश ख़ुशी देती है
कुछ पहेलियाँ ना सुलझे तो भी
नये अनुभव तो देती हे........ ।
झील सी गहरी आँखों में तैरते प्रश्न
और उत्तर खोजने की जिज्ञाषा
शांत वातायन में बहुत बड़े
तूफ़ान का इशारा देती हे.…… ।
मुद्दत से खोजने की आरजू थी
रुबरु होकर आज बतियाने की बारी
क्यों मौन रहने का सन्देश देती हे
एकांत नहीं थी जिंदगी कभी
सुहाने सफ़र में भी , नीरवता में भी
उनिन्दो की नींद उड़ा देती हे.…।
अनूठे फूलो की सुंदरता
टहनी पे स्वाभाविक हे पर
खुशबु की मादकता अब
झूमने की चाहत देती हे
लबो से बोल नहीं निकलते
और आँखों की भाषा चुपचाप
कितना कुछ कह देती है...........।

This poem in Hindi states about state of mind where feeling and expression try to find their place in any relationship but words become unable to do so and the poem goes on......
 

Sep 15, 2013

प्यार की यादे ( Remembering Love )

सुदूर वादियों में एक पीपल के पेड़ के नीचे
 यहाँ कोई नहीं आगे ओर पिछे
 फैला हुआ आकाश और हरे भरे बघिचे
 पलके बिछाये इंतजार हे आपका ।
 सन्देश भेजा बादलो के संग तो
 कभी हवाओ के संग
 लहराता योवन मचलता अंग अंग
 बज रहा कही मृदंग
 कोई नहीं मुज पर अधिकार हे आपका।
 सामने की पगडंडी पे टकटकी लगाये
 कब तेरे कदमो की आहट आए
 आपको नहीं मालूम हम क्या लेकर आये
 सबसे धनी बना दिया मुझे
 बेइंतहा प्यार जो हे आपका।
 बहते जरने का कलरव
 एक दिन ठिठुरती सर्दी मे
 कांपते देख मुझे आपने
 बरबस ही अपने आगोश में ले लिया था
 वो हसीं पल जब दिल दिया था
 याद हे वो नम आँखों से इकरार आपका।

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